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दादी के स्वाद वाला पारंपरिक कटहल का अचार, अब नए तरीके से
गर्मियां आते ही भारतीय रसोई में अचार की खुशबू फैलने लगती है। आम का अचार तो लगभग हर घर में बनता है, लेकिन अगर इस बार आप कुछ नया और स्वाद से भरपूर बनाना चाहते हैं, तो कटहल का अचार जरूर ट्राई करें।
सच कहें तो आम का अचार सब खाते हैं, लेकिन एक बार मसालेदार कटहल का अचार चख लिया जाए तो उसका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है। पराठे हों, दाल-चावल हो या साधारण खिचड़ी, यह अचार हर भोजन को खास बना देता है।
मसालों की खुशबू, कटहल की नरम बनावट और बैल कोल्हू कच्ची घानी सरसों के तेल का तीखा स्वाद इसे खास बना देता है। कई घरों में यह रेसिपी पीढ़ियों से बनती आ रही है और आज भी उतनी ही पसंद की जाती है।
सबसे अच्छी बात यह है कि कटहल का मौसम भी गर्मियों में ही आता है, इसलिए यह अचार बनाने का बिल्कुल सही समय है।
कटहल का अचार इतना खास क्यों है?
कटहल की बनावट इसे दूसरे अचारों से अलग बनाती है। जब इसके टुकड़े मसालों और सरसों के तेल का स्वाद अच्छी तरह सोख लेते हैं, तब हर निवाला चटपटा और स्वादिष्ट लगता है।
कई परिवारों में यह रेसिपी पीढ़ियों से बनती आ रही है। गांवों में आज भी गर्मियों की दोपहर में महिलाएं छत पर अचार के मर्तबान धूप में रखती दिखाई दे जाती हैं। यही पारंपरिक तरीका अचार को उसका असली स्वाद देता है।
कटहल का अचार बनाने की सामग्री
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500 ग्राम कच्चा कटहल (Raw Jackfruit)
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1 कप कच्ची घानी सरसों का तेल
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2 चम्मच सौंफ
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1 चम्मच मेथी दाना
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1 चम्मच जीरा
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1 चम्मच राई या पीली सरसों
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2 चम्मच हल्दी पाउडर
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2 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
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3 से 4 बड़े चम्मच नमक
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2 चम्मच सिरका
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आधा चम्मच हींग
अचार का मसाला ही उसके स्वाद की पहचान होता है। इसलिए मसालों की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है।
कटहल तैयार करने का सही तरीका
कटहल काटते समय हाथों और चाकू पर थोड़ा तेल लगा लें। इससे उसका दूध हाथों पर नहीं चिपकेगा।
अब कटहल को छोटे टुकड़ों में काट लें और बीच का सख्त हिस्सा निकाल दें। एक बर्तन में थोड़ा पानी और आधा चम्मच हल्दी डालकर कटहल को 7 से 8 मिनट तक उबाल लें।
ध्यान रखें कि कटहल ज्यादा नरम न हो।
उबालने के बाद इसे छान लें और सूती कपड़े पर फैलाकर 4 से 5 घंटे धूप में सुखाएं। अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए नमी का पूरी तरह निकलना जरूरी है।
कटहल का अचार बनाने की विधि
1. मसाले तैयार करें
सौंफ, मेथी, जीरा और राई को धीमी आंच पर हल्का भून लें। ठंडा होने पर इन्हें दरदरा पीस लें।
2. सभी सामग्री मिलाएं
एक बड़े बर्तन में सूखे कटहल के टुकड़े डालें। अब इसमें तैयार मसाला, हल्दी, लाल मिर्च, नमक, हींग और सिरका डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
3. तेल डालें
अब इसमें कच्ची घानी सरसों का तेल डालें और सभी टुकड़ों को अच्छे से मसालों में लपेट दें।
बहुत से लोग पूछते हैं कि अचार में तेल गर्म डालें या ठंडा। पारंपरिक तौर पर हल्का गुनगुना तेल इस्तेमाल किया जाता है। इससे मसालों का स्वाद बेहतर तरीके से अचार में मिलता है।
4. धूप में पकाएं
अचार को साफ और सूखे कांच के जार में भर दें। अगले 3 से 4 दिनों तक इसे धूप में रखें।
धीरे-धीरे कटहल मसालों और तेल का स्वाद सोख लेगा और आपका अचार तैयार हो जाएगा।
अचार में सरसों का तेल क्यों इस्तेमाल किया जाता है?
अगर भारतीय अचारों की बात करें, तो सरसों का तेल उनकी पहचान माना जाता है। इसकी तीखी खुशबू और स्वाद अचार को एक अलग ही चरित्र देते हैं।
इसी वजह से कई परिवार आज भी बैल कोल्हू कच्ची घानी सरसों का तेल जैसे पारंपरिक विकल्प चुनते हैं। इसका प्राकृतिक स्वाद और बेहतरीन तीखापन अचार को वही देसी स्वाद देने में मदद करते हैं जिसकी लोग उम्मीद करते हैं।
सरसों का तेल सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में भी मदद करता है।
क्या सरसों का तेल सेहत के लिए अच्छा होता है?
सरसों का तेल भारतीय रसोई का एक पुराना और भरोसेमंद हिस्सा रहा है। इसमें ओमेगा 3 जैसे आवश्यक फैटी एसिड पाए जाते हैं और यह 0% ट्रांस फैट विकल्प माना जाता है।
आज कई लोग कोल्ड प्रेस्ड सरसों के तेल को अपनी रसोई में शामिल कर रहे हैं क्योंकि यह पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है। कुछ सरसों के तेल विटामिन A और D2 से युक्त होते हैं, जो उन्हें और उपयोगी बनाते हैं।
हालांकि किसी भी तेल की तरह इसका उपयोग भी संतुलित मात्रा में करना चाहिए।
कटहल का अचार किसके साथ खाएं?
कटहल का अचार इन व्यंजनों के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है:
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आलू के पराठे
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सादा पराठा
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दाल-चावल
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खिचड़ी
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पूरी
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रोटी और सब्जी
कई बार एक चम्मच अचार साधारण खाने को भी यादगार बना देता है।
निष्कर्ष
अगर इस गर्मी आप अचार बनाने की सोच रहे हैं, तो आम के साथ-साथ कटहल का अचार भी जरूर बनाइए। इसका चटपटा स्वाद, पारंपरिक अचार का मसाला और सरसों के तेल की खुशबू इसे खास बनाती है।
बैल कोल्हू सिर्फ एक तेल नहीं, बल्कि उन स्वादों की याद दिलाता है जो बचपन, परिवार और परंपरा से जुड़े होते हैं। यही वजह है कि घर का बना कटहल का अचार आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।
एक बार यह रेसिपी बनाकर देखिए। हो सकता है इस साल आपकी थाली में आम के अचार से ज्यादा जगह कटहल का अचार ले ले।
FAQ’s
कटहल का अचार खाने के क्या फायदे हैं?
कटहल में फाइबर पाया जाता है और अचार भोजन का स्वाद बढ़ाने का काम करता है। संतुलित मात्रा में इसका सेवन भोजन को अधिक रोचक बना सकता है।
कटहल का अचार कितने समय तक चलता है?
अगर अचार में नमी न हो और उसे साफ व सूखे जार में रखा जाए तो यह कई महीनों तक सुरक्षित रह सकता है।
अचार में तेल गर्म डालना चाहिए या ठंडा?
हल्का गुनगुना तेल सबसे अच्छा माना जाता है। बहुत ज्यादा गर्म तेल मसालों का स्वाद बदल सकता है।
कटहल की तासीर गर्म होती है या ठंडी?
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार कटहल की तासीर हल्की गर्म मानी जाती है, इसलिए इसका सेवन संतुलित मात्रा में करना बेहतर रहता है।
कटहल का अचार बनाने के लिए कौन सा तेल सबसे अच्छा है?
पारंपरिक स्वाद और लंबे समय तक संरक्षण के लिए कच्ची घानी सरसों का तेल सबसे अधिक पसंद किया जाता है।
